मीरा-भायंदर में ट्रैफिक की दुर्दशा

नेता और अधिकारियों की साजिश

मीरा रोड/ नित्यानंद पांडेय
मीरा-भायंदर महानगरपालिका के सार्वजनिक बांधकाम विभाग द्वारा मीरा रोड सेक्टर चार के चौराहे पर विगत दिनों गटर के स्लैब, जिसको फुटपाथ कहते हैं, तोड़कर सपाट कर दिया गया। यहां के नो हॉकर जोन में फेरीवालों को स्थापित करने में मनपा के सार्वजनिक बांधकाम विभाग का जितना बड़ा रोल है, उससे कहीं ज्यादा इस इलाके के जनप्रतिनिधियों का है। विधायक नरेंद्र मेहता को यहां के नागरिकों की कितनी चिंता है, यहां से ली गई तस्वीरें बयां करती हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सायंकाल इस क्षेत्र में पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। सेक्टर चार के इस चौक पर हर शाम खतरनाक माहौल बन जाता है। यहां की इमारतों के रहिवासी शोर-गुल तथा नित्य ट्रैफिक जाम से परेशान हैं। लेकिन लाचार भी हैं क्योंकि हार्कस की बड़ी संख्या हर उस नागरिक पर भारी पड़ जाती है, जो विरोध करते हैं। हार्कस को हटाने की दिखावटी कार्रवाई से आम जनता में आक्रोश दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। नागरिकों में इस बात को लेकर निराशा है कि, उनके द्वारा चुने हुए नगरसेवक भी जनता की इस परेशानी को शायद नहीं समझ पा रहे हैं। हजारों हार्करों के दबाव में मनपा प्रशासन असहाय दिख रही है। जानकार इसे भ्रष्टाचार के रुप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि यहां के हार्कर्स से लाखों रुपयों की वसूली होती है। जो मनपा प्रशासन और स्थानीय नेताओं के मुंह बंद करने के लिए काफी है। आयुक्त बालाजी खतगांवकर को यह सब मालूम है। लेकिन लगता है वह भी मजबूर हैं।

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