सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनिल अंबानी दोषी करार

एरिक्सन को चुकाएं 453 करोड़ या जाएं जेल
मुश्किल में 35 हजार करोड़ राफेल सौदे का ठेकेदार

नई दिल्ली/ नित्यानंद पांडेय
सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट की अवमानना का दोषी मानते हुए रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड के चेयरमैन अनिल धीरूभाई अंबानी और उनके दो सहयोगियों को बडा़ झटका दिया है। कोर्ट ने अंबानी और अन्य दो को चार सप्ताह के भीतर एरिक्सन को 453 करोड़ रुपये चुकाने को कहा है, अगर तय मुद्दत के अंदर पैसे नहीं चुकाए गए तो तीन महीने के लिए जेल जाना होगा। अनिल अंबानी के अलावा इस मामले में दो डायरेक्टर रिलायंस टेलिकॉम चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल चेयरपर्सन छाया विरानी हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने 23 अक्टूबर को आरकॉम को कहा था कि वह एरिक्सन कंपनी को 15 दिसंबर तक 550 करोड़ रुपए की बकाया राशि का भुगतान करे। अगर रकम चुकाने में देरी होती है तो सालाना 12% ब्याज भी देना होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पूरा करने में नाकाम रहने पर स्वीडिश कंपनी एरिक्सन ने अनिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अदालती अवमानना का मुकदमा दायर किया था । रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ दायर की गई अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 14 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी को अवमानना का दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया था कि एक महीने के अंदर एरिक्सन को 550 करोड़ रुपये चुकाए। इसके अलावा कोर्ट ने अंबानी सहित अन्य दो पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट का कहना है कि जुर्माना एक महीने के भीतर भरें। अगर ऐसा नहीं हुआ तो एक महीने की जेल होगी। एरिक्सन के वकील दुष्यंत दवे ने कहा था, बकाया राशि चुकाने तक अनिल को हिरासत में लिया जाना चाहिए। ये अवमानना का साधारण केस नहीं है बल्कि एक असाधारण मामला है। दवे ने कहा था, उनके पास राफेल में निवेश करने के लिए पैसा है लेकिन वह अदालत (550 करोड़ रुपये का भुगतान) में जताई गई प्रतिबद्धता का सम्मान नहीं करना चाहते। इनके पास रफाल में निवेश के लिए पैसा है, लेकिन हमारा बकाया चुकाने के लिए पैसा नहीं है। वे कोर्ट के आदेशों का मान नहीं रखना चाहते। दवे ने कहा था कि आरकॉम ने अगस्त 2018 में स्टॉक एक्सचेंज को बताया था कि उसने जियो फाइबर और दूसरी आधारिक संरचना को बेचने का सौदा 5,000 करोड़ रुपये में तय किया है और उसी दिन उसके शेयर प्राइस में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। उन्होंने अदालत को बताया कि स्पेक्ट्रम और मोबाइल टावर बेचने से कंपनी को 18,100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फायदा मिला। उन्होंने कहा, ’यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अनिल अंबानी एक असाधारण शख्स है जिसे देश के बेहतरीन सलाहकार और बेहतरीन वकील अपनी सलाह दे रहे है। इन्होंने कोर्ट के आदेशों की जानबूझकर अवमानना की है।
इनपर कार्रवाई की जानी चाहिए।’ दवे ने आगे कहा कि अंबानी पहले दिन से कोर्ट से किए गए वादे को पूरा नहीं करना चाहते हैं। आपके पास कई हजार करोड़ रुपये की निजी संपत्तियां हैं और आपको अपना वादा पूरा करना पड़ेगा। वह बादशाहों की तरह रहते हैं लेकिन वादे को पूरा नहीं करना चाहते।’ उन्होंने कहा कि समूह के पास पैसा है क्योंकि उसका कहना है कि यदि एरिक्सन अपनी याचिका वापस ले लेता है तो वह उसे पैसा लौटाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि देनदार बैंक अनिल अंबानी की कंपनी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले आरकॉम के वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत में जवाब दाखिल कर कहा था कि एरिक्सन के 550 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज का भुगतान नहीं कर कंपनी ने किसी प्रकार की अवमानना नहीं की है। रोहतगी के मुताबिक, एरिक्सन का बकाया इसलिए नहीं चुकाया गया, क्योंकि आरकॉम का रिलायंस जियो के साथ स्पेक्ट्रम बिक्री का सौदा टूट गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *