मैं अपने जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करूंगा -राजेश नार्वेकर, (भा. प्र. से.), जिला अधिकारी व जिला दंडाधिकारी, ठाणे

नित्यानंद पांडेय/अंकिता मिश्रा
राजेश जे नार्वेेकर 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने कोकण से लेकर मराठवाड़ा, विदर्भ, महाबलेश्‍वर आदि विभिन्न स्थानों से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। नार्वेकर पुणे विश्‍वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट हैं और वहीं उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की। कोकन, रत्नागिरी, म्हाडा, एमआईडीसी और सीएम के सह सचिव के पद पर कार्य करने के बाद उन्हें ठाणे के जिला अधिकारी और जिला दंडाधिकारी के पद पर तैनात किया गया है।
इंडिया अनबाउंड के समूह संपादक नित्यानंद पांडेय के साथ एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने अपने बचपन और शिक्षा के साथ ही विभिन्न पोस्टिंग के दौरान मिले अनुभव और उपलब्धियों को भी साझा किया। साथ ही ठाणे जिले के विकास में आने वाली चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी उन्होंने खुलकर बात की। पेश हैं प्रमुख अंश।


सवाल – कृपया आप अपने बचपन के दिनों, पारिवारिक पृष्ठभूमि और औपचारिक शिक्षा के बारे में बताएं?
जवाब – मेरे पिताजी वन अधिकारी थे, इसलिए मेरी स्कूली शिक्षा कोकन से लेकर मराठवाड़ा, विदर्भ, महाबलेश्‍वर आदि स्थानों में हुई। मैंने अपना ग्रेजुएशन ठाणे से और पोस्ट-ग्रेजुएशन पुणे से किया। पोस्ट ग्रेजुएशन करते हुए मैंने पुणे से ही यूपीएससी की तैयारी की।
सवाल – क्या बचपन से ही आईएएस अधिकारी बनना आपका सपना था?
जवाब – बिल्कुल नहीं, स्नातक के दौरान मुझे लगा कि सिविल सर्विस के माध्यम से देश की सेवा सबसे बेहतर तरीके से की जा सकती है।
सवाल – आपके 2009 बैच की यादें क्या हैं? क्य आप अभी भी अपने बैचमेट से मिलते हैं?
जवाब – हमने मसूरी और दक्षिण कोरिया में सामान्य ट्रेनिंग ली। वहां हमने साथ-साथ बहुत समय बिताया। वहां से जुड़ी काफी उत्साहवर्धक यादें आज भी मेरे जेहन में ताजा है। हम आज भी एक-दूसरे के संपर्क में हैं और एक-दूसरे से सोशल मिडिया के माध्यम से जुड़े हुए हैं साथ ही जब भी संभव होता है, एक दूसरे से मिलते हैं और पुरानी बातें कर उन यादों को ताजा करते हैं।
सवाल – कृपया हमें अपनी विभिन्न स्थानों और पदों पर पोस्टिंग के बारे में बताएं?
जवाब – मैंने राज्य सेवा के माध्यम से इस सेवा में प्रवेश किया। मैंने कोकन के रत्नागिरी जिले से अपना करियर शुरू किया। रत्नागिरी में मैं प्रशिक्षक (उपप्रभागीय मजिस्ट्रेट) के पद पर कार्यरत था। मैंने म्हाडा में तीन साल काम किया। वहां काम करते हुए मुझे काफी कुछ सिखने को मिला और मुझे बहुत अच्छा अनुभव मिला। मैंने तीन साल तक एमआईडीसी में काम किया। उसके बाद मैंने राजस्व विभाग में उप सचिव के रूप में काम किया। फिर 2014 में मैंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सहसचिव के पद पर कार्यभार संभाला। उनके साथ काम करना मेरे लिए जीवन का बहुमूल्य अनुभव रहा। उसके बाद रायगढ़ जिले में जिला परिषद के सीईओ के रूप में मेरा एक वर्ष का कार्यकाल रहा। वहां मेरे सामने दो प्रमुख चुनौतियां थीं- प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत अभियान और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण को प्रभावी ढंग से लागू करना। और मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मैंने बेहतर काम किया और मैंने लक्ष्य को प्राप्त किया।
सवाल – मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख प्रवीण परदेसी की कार्यशैली को लेकर आपका अनुभव कैसा रहा?
जवाब – वह एक मल्टीटास्किंग पर्सनैलिटी हैं। उनकी तुलना किसी से भी नहीं की जा सकती। वह महान व्यक्ति हैं और मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है।
सवाल – जिला अधिकारी के रूप में ठाणे के लिए आपकी सर्वोच्च प्राथमिकताएं क्या हैं?
जवाब – मेरे लिए वर्तमान में महत्वपूर्ण प्राथमिकता और काम आगामी लोकसभा चुनाव 2019 को सुचारु रुप से संपन्न कराना है। जिले की भौगोलिक बनावट और वक्त के हिसाब से प्राथमिकताओं में बदलाव आता है। वर्तमान में लोकसभा चुनाव और उससे पहले आदर्श आचार संहिता पर विचार करना मेरी प्राथिमिकताएं हैं। हम अपने जिले की योजनाओं के लिए आवंटित निधि के उपयोग पर भी अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं क्योंकि एक बार आचार संहिता लागू हो गई तो हम उसका उपयोग नहीं कर पाएंगे। इसलिए हम आचार संहिता लागू होने से पहले मंजूर योजनाओं को शुरू करना चाहते हैं। इसके लिए हम जिले के सभी विभागों की समीक्षा कर रहे हैं। हम अपना ध्यान प्रस्तावित योजनाओं की स्थिति और निविदा पर केंद्रित कर युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। अगर इन योजनाओं के क्रियान्वयन का आदेश आचार संहिता लागू होने से पहले मिल गया तो हम सुरक्षित जोन में होंगे और मंजूर फंड का उपयोग कर पाएंगे।
सवाल – आचार संहिता कब से लागू होने की उम्मीद है?
जवाब – 2014 में मार्च के पहले सप्ताह में आचार संहिता लागू की गई थी। इसलिए अगर चुनाव समय पर होता है तो इस बार भी मार्च के पहले सप्ताह में लागू होगा।
सवाल – मुंब्रा ब्रिज के पास और अन्य स्थानों पर अवैध रेत खनन हो रहा है। इससे राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। जिला प्रमुख होने के नाते क्या आप रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई करेंगे?
जवाब – अवैध रूप से अवैध खनन के लिए दो विभाग हैं। उसके लिए हमारे कलेक्टर कार्यालय में एक खनन शाखा है और दूसरा हमारे पास तहसीलदार और एसडीओ जैसे अधिकारी हैं। हमने इन खनन गतिविधियों के संचालन के लिए साप्ताहिक समीक्षा बैठकें शुरू की हैं। इस बैठक में मैं व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहता हूं। कई मामलों की पहचान की गई है। दूसरी बात यह है कि पिछले डेढ़ साल से ठेकेदारों के अभाव में रेत खनन की नीलामी नहीं हो सकी है। इस साल हमें महाराष्ट्र सरकार से इसके लिए अनुमति मिल गई है इसलिए हम अगले महीने इसकी नीलामी की योजना बना रहे हैं और अगर ऐसा होता है तो हम आधिकारिक राशि का भुगतान करके ठेकेदारों की नियुक्ति कर सकते हैं और कानूनी रेत खनन कर सकते हैं ताकि इस तरह के अवैध गतिविधियों को कम किया जा सके।
सवाल – पुलों से 100 मीटर की दूरी पर रेत खनन पर प्रतिबंध है, लेकिन भायंदर में, घोड़डबंदर पुल और भायंदर रेलवे पुल के पास रेत की खुदाई 24 घंटे होती है?
जवाब – जब भी इस तरह की शिकायतें आएंगी तो उसपर हम गंभीरता से त्वरित कार्रवाई करेंगे।
सवाल – आम तौर पर ऐसा देखा जाता है कि अधिकांश बार मालिक में एक ही लाइसेंस लेकर 3-4 जगहों पर अपना व्यवसाय चला रहे हैं। आप इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे?
जवाब – मैंने इस बारे में अभी तक नहीं सुना है, अगर हमें पता चलेगा कि ऐसी चीजें हो रही हैं या अगर आप लोग मुझे इसके बारे में पूरी जानकारी देते हैं, तो मैं उनके खिलाफ कार्रवाई करूंगा। मैं ऐसे अवैध कामों को बर्दाश्त नहीं करूंगा।
सवाल – भायंदर के पास उत्तन क्षेत्र में नो डेवलपमेंट ज़ोन में अवैध रुप से होटल चलाए जा रहे हैं। वहां एक दिन शराब पिलाने की इजाजत लेकर एक महीने और उससे अधिक समय तक शराब की आपूर्ति की जा रही है?
जवाब – मैं आबकारी एसपी और अपने स्टाफ को उत्तन क्षेत्र में राउंड लगाने का निर्देश दूंगा और अगर ऐसा पाया गया तो मैं उनपर जरुर कार्रवाई करूंगा।
सवाल – मीरा भायंदर में 38 ऑर्केस्ट्रा/ डांस बार को अनियमितताओं तथा निर्धारित समय सीमा का पालन नहीं करने के कारण एसपी ने उनके लाइसेंस के नूतनीरण पर रोक लगाने की सिफारिश की है। आप इस तरह की गतिविधियों से कैसे निपटेंगे?
जवाब – यदि पुलीस अधीक्षक इस तरह की सिफारिश करते हैं और किसी भी उल्लंघन की ओर इशारा करते हैं तो हम उनके लाइसेंस रिन्यू करने पर रोक लगा देंगे।
सवाल – जीएसटी लागू होने के बाद राज्य के कई मनोरंजन के साधन बंद हो गए हैं। इस वजह से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। कृपया टिप्पणी करें?
जवाब – हम मनोरंजन के साधन बंद होने से हो रहे राजस्व के नुकसान और खनन गतिविधियों की राशि की भरपाई लैंड रेवेन्यू और माइनिंग एक्टिविटी से राजस्व प्राप्त कर कर रहे हैं।
सवाल – ठाणे काफी बड़ा क्षेत्र है, आप जिला कलेक्टर के रुप में किन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं?
जवाब – ठाणे राज्य के सबसे जटिल जिलों में से एक है क्योंकि यह 100% ग्रामीण या शहरी जिला नहीं है। ठाणे जिले में छह महानगरापालिका और दो पुलिस आयुक्तालय हैं, इसलिए यहां की समस्याएं बहुत जटिल हैं और साथ ही हमारे पास दो ग्रामीण तालुका जैसे शाहपुर- मुरादाबाद और भिवंडी का हिस्सा भी है जहां एचडीआई सूचकांक बहुत कम है। इसलिए, यह बहुत चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद हम ठाणे के विकास के लिए पूरी तरह से सक्रिय हैं और आशान्वित हैं।
सवाल – राजनेता, भू-माफिया और भूमि अतिक्रमण करने वालों ने भी मैंग्रोव / खुली जगह को नहीं बख्शा तथा अवैध स्कूलों, मंदिरों, ट्रस्टों आदि का निर्माण कर इस तरह की अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दिया है। आप ऐसे लोगों से कैसे निपटेंगे?
जवाब – दो महीने पहले उच्च न्यायालय ने एक समिति का गठन किया है और प्रभागीय आयुक्त को डिवीजन का प्रभारी बनाया गया है, उन्होंने इस डिवीजन के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया है और कलेक्टर भी उस समिति के सदस्यों में से एक है। उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार समय-समय पर इस तरह की मिल रही शिकायतों की समीक्षा की जा रही है और शिकायत सही पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। मेरा मानना है कि पिछले कुछ महीनों से मैंग्रोव का कटना और नष्ट होना लगभग बंद हो गया है। यह हमारी प्राथमिकता है और हम अपने क्षेत्र में मैंग्रोव को बचाने के लिए कटिबद्ध हैं। हम मैंग्रोव के बारे में आम लोगों में जागरूकता पैदा करने की भी कोशिश कर रहे हैं।
सवाल – ठाणे जिले के विकास के लिए आगामी प्रमुख परियोजनाएं क्या हैं?
जवाब – ठाणे एमएमआर क्षेत्र में वेल कनेक्टेड शहर है। यहां के लिए कई आगामी परियोजनाएं हैं जैसे समृद्धि महामार्ग योजना, यह मुंबई-नागपुर को जोड़ेगी और शहापुर-भिवंडी क्षेत्र से होकर गुजर रही है। बुलेट ट्रेन, जो ठाणे और शहापुर के अलावा भिवंडी क्षेत्र से भी गुजरेगी। मुंबई बड़ौदा एक्सप्रेसवे, जो ठाणे से भी गुजर रहा है। कई बुनियादी परियोजनाएं आ रही हैं। वास्तव में एमआईडीसी स्थापित करने के बाद, वागले इस्टेट राज्य का पहला औद्योगिक क्षेत्र है। 1960 से उद्योगों के लिए ठाणे सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। इसके आलावा महानगरापालिका कॉस्टल ट्रांसपोर्ट पर काम कर रहा है। महाराष्ट्र मैरिटाइम बोर्ड और जेएनपीटी के साथ इसके लिए समझौता हुआ है।
सवाल – मीरा भायंदर-पालघर के लिए नए आयुक्तालय के लिए लंबे समय से योजना है, ताजा जानकारी क्या है?
जवाब – यह एक नीतिगत निर्णय है, जो महाराष्ट्र सरकार का काम है इसलिए एक बार जब नीति को अंतिम रूप दिया जाता है और कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया जाता है तब ही इसे स्थापित किया जा सकता है।
सवाल – मीरा भायंदर में जल्द ही अतिरिक्त तहसील कार्यालय स्थापित किए जाने की खबर है?
जवाब – अतिरिक्त तहसीलदार कार्यालय मीरा भायंदर में आने वाला है, यह प्रस्ताव अब सरकार के पास है। अगर सरकार इसे मंजूरी देती है तो मीरा भायंदर में अतिरिक्त तहसीलदार कार्यालय स्थापित किया जाएगा।
सवाल – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आपकी ठाणे जिले के लिए क्या अपेक्षाएं हैं?
जवाब – मुख्यमंत्री ने ठाणे को अपेक्षा से अधिक दिया है। उन्होंने मेट्रो के माध्यम से एक अच्छी तरह से जुड़ा नेटवर्क बनाया है। वह बेहतरीन सीएम हैं।
सवाल – क्या आपने कभी अपने काम में किसी राजनीतिक दबाव का अनुभव किया है?
जवाब – अभी तक तो नहीं। मुझे इस बात की खुशी है कि ठाणे जिले के सभी राजनेता बहुत ही मिलनसार और कोऑपरेटिव हैं।
सवाल – आपका रोल मॉडल कौन है?
जवाब – निर्णय लेने या नीति बनाने और एक टीम लीडर के रूप में मेरे रोल मॉडल सीएम साहब हैं, प्रशासन में मैं प्रवीण परदेशी सर से प्रेरित हूं, वह मेरे आदर्श हैं। मुझे लगता है कि मैं बहुत खुसनसीब हूं कि मुझे कई योग्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ काम करने का मौका मिला। मैंने सभी अधिकारियों से कुछ न कुछ ग्रहण किया है।
सवाल – आपको कौन-से खेल पसंद हैं?
जवाब – मैं बैडमिंटन खेलता हूं लेकिन समयाभाव के कारण नियमित रुप से नहीं खेल पाता।
सवाल – आप फुर्सत का समय कैसे बिताते हैं?
जवाब – मैं फिल्में और नाटक देखना पसंद करता हूं। मुझे किताबें पढ़ना और संगीत सुनना अच्छा लगता है और सौभाग्य से यह सब ठाणे में उपलब्ध है।
सवाल – जो छात्र आपकी तरह आईएएस बनना चाहते हैं, उन्हें आप क्य सलाह देना चाहेंगे?
जवाब – उनमें ईमानदार और समर्पित प्रयास करने का जज्बा होना चाहिए। उन्हें यूपीएससी के लिए प्रयास करने से पहले यह पता होना चाहिए कि यह सेवा क्या है और इसका उदेश्य क्या है। मेरे हिसाब से इस क्षेत्र जैसा देश और समाज सेवा करने के लिए कोई दूसरा सेक्टर नहीं है।
सवाल – आप ठाणे के नागरिकों को क्या संदेश देना चाहेंगे?
जवाब – मैं यह कहना चाहूंगा कि आप बहुत भाग्यशाली हैं जो मुंबई के पास अच्छी तरह से कनेक्टेड ठाणे जैसे खूबसूरत जिला और शहर में रहते हैं। मुझे लगता है कि ठाणे की आत्मा और उनकी संस्कृति यहां के लोग हैं, मैं चाहता हूं कि वे अपनी संस्कृति बनाए रखें । हमें सभी परियोजनाओं को सुचारू रूप से पूरा करने और सर्वश्रेष्ठ जिलों में से एक बनाने में उनके सहयोग की आवश्यकता है।
सवाल – आप अपने कर्मचारियों को क्या संदेश देना चाहेंगे?
जवाब – मैं कहूंगा कि हमें ठाणे जिले के लिए काम करने का मौका मिला है, हमें इस अवसर को अच्छे तरीके से भुनाना चाहिए और पूरे दृढ़ संकल्प के साथ काम करना चाहिए ताकि आपके द्वारा किए गए कामों पर लोगों और आपको गर्व महसूस हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *